भारत के अलावा कई देश पहले से कर रहे हैं स्‍मार्ट फेंसिंग का इस्‍तेमाल, ऐसे करती है काम

देश में पहली बार लेजर एक्टिव बाड़ यानी स्‍मार्ट फेंस लगाए जाने की खबर हर जगह सुर्खियों में है। हालांकि इस तरह की फेंस की जरूरत काफी समय से की जा रही थी, खासतौर जम्‍मू कश्‍मीर की पाकिस्‍तान से लगती सीमा पर। ऐसा इसलिए क्‍योंकि यहां से आतंकियों की घुसपैठ हमेशा से ही सुरक्षाबलों के लिए परेशानी का सबब बनती रही है। फिलहाल इसको जम्मू क्षेत्र में पाकिस्तान से लगी सीमा पर 5-5 किलोमीटर के दो क्षेत्रों में पायलट परियोजना के तहत लगाया गया है। लेकिन इस फेंस को लेकर हर किसी के मन में एक सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह फेंस क्‍या है और किस तरह से यह काम करती है। इसके अलावा एक और सवाल यह भी है कि आखिर किन-किन देशों में इस तरह की फेंस का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। इन सवालों के जवाब तलाशने काफी जरूरी हैं। लेकिन पहले यह जान लेते हैं कि इस तरह की स्‍मार्ट और हाईटेक फेंसिंग का सहारा किन-किन देशों ने अपने यहां अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए लिया है।

इजरायल

इजरायल ने जोर्डन से लगती सीमा पर घुसपैठ को रोकने के लिए स्‍मार्ट फेंसिंग का सहारा लिया है। करीब तीस किमी के दायरे में फैली यह इस सीमा पर अफ्रीकी शरणार्थियों के रूप में जिहादी ग्रुप के आतंकी भी घुसपैठ करने में सफल हो जाते थे। वर्ष 2015 में इजरायल के राष्‍ट्रपति बेंजामिन नेतनयाहू ने स्‍मार्ट फैंसिंग की योजना को हरी झंडी दी थी। इजरायल की ही कंपनियां कई देशों में इस तरह की फेंसिंग का निर्माण करने में लगी हैं।