यह कैसा जश्न

पूरे देश में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो सपना है “सर्व शिक्षा अभियान” का या “बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ” का उसमें कहीं न कहीं उनके जन्मदिन पर सेंध लगाई जा रही है प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर स्कूल की पढ़ाई को रोक दिया गया है बल्कि वहां पर आने वाले क्द्दावर नेताओ की आमद मे नन्हे-मुन्ने बच्चों को लगाया गया है बच्चे नेताओं के स्कूल में दाखिल होते ही उन पर पुष्प वर्षा करते नजर आ रहे हैं ऐसे में सवाल यह कि जन्मदिन पर मिलने वाली देशवासियों को सौगात क्या बच्चों के भविष्य के साथ इस बार खिलवाड़ साबित होगी।

तस्वीरें हरदोई शहर के महाराज सिंह पार्क स्थित हिंदी पाठशाला की हैं जिसमें साफ तौर पर आप देख सकते हैं किस तरह बच्चे थालियों में फूल लेकर और हाथों में गुलाब की स्टिक लेकर माननीय नेता जी का इंतजार कर रहे हैं थोड़ा सा आगे बढ़ने पर आपको क्लास नजर आ जाएगा जो पूरी तरह से खाली पड़ा हुआ है और नन्हे-मुन्ने बच्चों के जो बैग हैं वह जमीनों पर पड़े हुए हैं बच्चे अपनी पढ़ाई छोड़ कर माननीय जी के इंतजार में खड़े हुए हैं।

खंड शिक्षा अधिकारी का बयान 

शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाली अब इस तस्वीर को देखिए जिसमें नन्हे-मुन्ने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, अब देखिए स्कूल के गेट से कद्दावर नेता पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल की आमद होती है और किस तरह इन बच्चों को पहले से समझाया गया है नन्हे मुन्ने बच्चे माननीय नेता जी की पुष्पवर्षा में मशगूल हैं दाहिनी तरफ खड़े बच्चे नेताजी को गुलाब की स्टिक दे रहे हैं सिलसिला यहीं नहीं थमा इसके बाद नेताजी ने स्मार्ट क्लास का उद्घाटन किया और फिर मोदी जी के जन्मदिन पर केक काटा बच्चे चारों तरफ खड़े हुए नेताजी के पेड़ काटने का इंतजार करते रहे और इस जन्मदिन पर अपने भविष्य के साथ कम सियासी लोगों के साथ ज्यादा ईमानदारी करते नजर आए, भले ही वह मजबूरी हो लेकिन इन बच्चों को क्या मालूम सियासी दखल में इनके भविष्य के साथ किस तरह खिलवाड़ किया जा रहा है।

नरेश अग्रवाल (बीजेपी नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद) का बयान

प्रधानमंत्री के जन्मदिन का केक काटने के बाद भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता नरेश अग्रवाल जब फारिग हुए और रुखसती का वक्त आया तो उनसे आज के प्रोग्राम के बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने सीना चौड़ा करके कह दिया कि प्रधानमंत्री जी का सपना था कि उनका जन्मदिन नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ मनाया जाए बच्चों का भविष्य उज्जवल हो जिस बात का वह पालन कर रहे हैं लेकिन अब यह समझना मुश्किल है कि बच्चों का भविष्य किस तरह उज्जवल होगा जब नेताजी खुद उनकी पढ़ाई छोड़कर उन्हें और तमाम कार्यक्रमों में मशगूल करेंगे ।