आइईडी ब्लास्ट केस में विस्फोटक सप्लायर गिरफ्तार

नक्सलियों के दो मुख्य विस्फोटक सप्लायरों ईडो हड़मा व राजकुमार गुर्रम को पुलिस ने दबोचने में सफलता पाई है। दोनों कोंटा एरिया के नक्सली कमांडरों से वर्ष 2015 से संपर्क में रहकर अलग- अलग मौके पर विस्फोटक सामग्री सप्लाई करते थे।नक्सलियों के दो मुख्य विस्फोटक सप्लायरों ईडो हड़मा व राजकुमार गुर्रम को पुलिस ने दबोचने में सफलता पाई है। दोनों कोंटा एरिया के नक्सली कमांडरों से वर्ष 2015 से संपर्क में रहकर अलग- अलग मौके पर विस्फोटक सामग्री सप्लाई करते थे।  ADVERTISING  inRead invented by Teads किस्टाराम के कासाराम में हुए आइईडी ब्लास्ट में उपयोग किए गए बारूद की सप्लाई भी इनके द्वारा ही की गई थी, जिसमें सीआरपीएफ के नौ जवान शहीद हुए थे। समर्पित नक्सली वेट्टी रामा से पूछताछ में इनका नाम सामने आने के बाद इन्हें गिरफ्तार किया गया।  एसपी कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में एएसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि गादीरास थाने के बोड़को निवासी ईडो व ओडिशा के मलकानगिरी जिले के थाना पोड़िया के बापनपल्ली निवासी राजकुमार कोंटा एरिया में अब तक एक लाख दो हजार रुपए मूल्य का 102 किलो विस्फोटक सप्लाई कर चुके हैं।   स्वच्छता मिशन VIDEO : दंतेवाड़ा की जाग्रति से PM मोदी ने की बात यह भी पढ़ें  केरलापाल एरिया कमेटी की सचिव नक्सली भीमे के संपर्क में रहकर करीब 70 किलोग्राम का विस्फोटक ईडो ने सप्लाई किया था। जगदलपुर से जनरेटर, कैमरा, इन्वर्टर लेकर उसके द्वारा कोंटा एरिया में नक्सलियों को सप्लाई किया जाता था। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद वहां से जेल भेज दिया गया।

किस्टाराम के कासाराम में हुए आइईडी ब्लास्ट में उपयोग किए गए बारूद की सप्लाई भी इनके द्वारा ही की गई थी, जिसमें सीआरपीएफ के नौ जवान शहीद हुए थे। समर्पित नक्सली वेट्टी रामा से पूछताछ में इनका नाम सामने आने के बाद इन्हें गिरफ्तार किया गया।

एसपी कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में एएसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि गादीरास थाने के बोड़को निवासी ईडो व ओडिशा के मलकानगिरी जिले के थाना पोड़िया के बापनपल्ली निवासी राजकुमार कोंटा एरिया में अब तक एक लाख दो हजार रुपए मूल्य का 102 किलो विस्फोटक सप्लाई कर चुके हैं।

केरलापाल एरिया कमेटी की सचिव नक्सली भीमे के संपर्क में रहकर करीब 70 किलोग्राम का विस्फोटक ईडो ने सप्लाई किया था। जगदलपुर से जनरेटर, कैमरा, इन्वर्टर लेकर उसके द्वारा कोंटा एरिया में नक्सलियों को सप्लाई किया जाता था। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद वहां से जेल भेज दिया गया।