
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया पर की गई फर्जी पोस्ट पर बुधवार (12 सितंबर) को अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. राज्य के डोडा जिले में कुछ युवकों के आतंकवादी समूहों में शामिल होने की फर्जी पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली थी, जिसके बाद यह वायरल हो गई थी. सोशल मीडिया पर इस तरह के पोस्ट वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और फेक न्यूज फैलने वालों के खिलाफ एक्शन लिया. 
पुलिस सूत्रों के अनुसार उन दो युवकों का पता लगा लिया है जिनके नाम का इस पोस्ट में उल्लेख किया गया है. हालांकि इस पोस्ट में शामिल एक युवक का अब तक पता नहीं चल पाया है. इस शख्स के खिलाफ पुलिस अधिकारियों ने एक लुकआउट नोटिस और गैर जमानती वारंट जारी किया है.
‘व्हाट्सऐप’ के माध्यम से फैलाई जा रही है अफवाह
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘डोडा पुलिस की जानकारी में आया कि जिले के कुछ लड़कों के आतंकवादी समूहों में शामिल होने से जुड़ी तस्वीरें और मैसेज व्हाट्सऐप समूहों में फैलाए जा रहे हैं.’’ उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस सोशल मीडिया पर लगाम लगाने की पुरजोर कोशिश कर रही है. सक्रिय ‘व्हाट्सऐप ग्रुप्स’ को डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के यहां पंजीकृत कराने का निर्देश अनेकों बार जारी किया गया हैं. लेकिन अफवाहों का यह तंत्र काफी सशक्त हैं.पूर्व में भी राज्य के विभिन्न जिलों के स्थानीय जिला प्रशासन ने फर्जी संदेशो को नियंत्रित करने और लगाम लगाने को पंजीकरण कराने का निर्देश दिया था.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार राज्य में इस तरह के अनेक समूह सक्रिय हैं. जिन्हें ‘कीपैड जिहादी’ भी बोला जाता है. पुलिस अधिकारियों ने पूर्व में कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम-इंडिया को ऐसे अफवाह फैलाने वाले सक्रिय ट्विटर और फेसबुक हैंडल्स को बंद करने का निर्देश दिया है. जानकारी के मुताबिक,राज्य में सोशल मीडिया की फर्जी पोस्टों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार काम किया जा रहा है.