
मराठा साम्राज्य के महानायक छत्रपति शिवाजी के समय ही महाराष्ट्र में गणेश पूजा का बहुत अधिक महत्व है। गणेश चतुर्थी हिन्दुओं के खास त्यौहारों में से एक है लेकिन महाराष्ट्र में इसकी धूमधाम सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। 10 दिन तक चलने वाले इस त्यौहार में मुंबई की गलियां गणेश पंडालों से पट जाती हैं। सभी गणेश पंडालों में 10 से 30 मीटर तक की ऊंची मूर्तियां रखी जाती हैं। पंडालों को बिजली के झालरों और फूलों से सजाया जाता है। तो अगर आप भी इस पावन पर्व को मनाना चाहते हैं साथ ही खास आरती और व्यंजनों का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो आपके लिए मुंबई से अच्छी जगह कोई हो ही नहीं सकती। जहां आप न केवल इस त्यौहार के रंगत से रूबरू होंगे बल्कि और भी ऐसी कई जगहें हैं जहां जाकर आप अपनी छुट्टियों को यादगार बना सकते हैं।
इन जगहों पर देखने को मिलती हैं गणपति बप्पा की अलग रौनक
लालबागचा राजा
वैसे तो गणेश चतुर्थी के मौके पर मुंबई की हर एक गली में अलग ही रौनक देखने को मिलती है लेकिन लालबाग का पंडाल सबसे ज्यादा मशहूर है। इस मंडल को 1934 में बनाया गया था। जहां 15 लाख से भी ज्यादा श्रद्धालु गणपति बप्पा के दर्शन के लिए घंटों लाइन में लगे रहते हैं। कभी-कभी तो दर्शन करने में 24 घंटे से भी ज्यादा समय लग जाता है। चारों तरफ बस गणपति बप्पा मोरया! मंगलमूर्ति मोरया! यही गूंज सुनाई दे रही होती है।दर्शन के लिए यहां दो लाइनें होती है। जनरल और नवास लाइन। नवास लाइन में लगने वाले श्रद्धालुओं को भगवान के चरण छूने का मौका मिलता है वहीं जनरल लाइन में लगने वाले श्रद्धालुओं को 10 मीटर दूर से भगवान के दर्शन करने पड़ते हैं।