
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आज यानी रविवार को अंतिम दिन है. इसके समापन सत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे. पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को दो दिनी इस बैठक का शुभारंभ किया था. इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय स्तर के नेता, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नेता व प्रमुख कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं. बीजेपी की इस बैठक में 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर रणनीति पर चर्चा हो रही है.
राजनाथ ने पेश किया विजन 2022
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया है. इसका नाम विजन 2022 है. उन्होंने इस प्रस्ताव के जरिये पीएम मोदी के नए भारत की संकल्पना रखी. प्रस्ताव के मुताबिक 2022 तक देश में ना कोई बेघर होगा, ना आतंकवाद होगा, ना जातिवाद और संप्रदाय बाद होगा. 2014 से बीजेपी ने 15 राज्यों में चुनाव जीते हैं और 20 राज्य में सरकार में है.
कल्प ढूंढ रहा है. विपक्ष के पास पीएम मोदी जैसा कोई नेता नहीं है. विपक्ष का एक मात्र लक्ष्य “मोदी रोको” इसलिए विपक्ष अनैतिक गठबंधन की बात कर रहे हैं.
सरकार ने किए सुधार : राजनाथ
उन्होंने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भगोड़ों को कड़ा संदेश दिया गया है कि उन्हें भारतीय जेल में वापस आना ही पड़ेगा. हमारी सरकार ने इसमे मूलभूत सुधार किए और कड़े कदम उठाए. इसे क्रिएटिव डिस्ट्रक्शन नाम दिया गया. नोटबंदी, जीएसटी ने अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार किए हैं. थोड़ी परेशानियों के बाद अर्थव्यवस्था अब तेजी से बढ़ रही है. जीडीपी में बढ़ोतरी इसका उदाहरण है.
‘राष्ट्रहित के लिए पार्टी को त्यागा’
राजनाथ सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार पर पूर्णतया काबू पाया गया है. भ्रष्टाचारियों को अपने को बचाने के लिए हांगकांग से लंदन भागना पड़ रहा है. ऐसे भगोड़े को भारतीय जेल में रहने के लिए वापस आना ही पड़ेगा. आंतरिक सुरक्षा को लेकर कड़ा सन्देश दिया गया है. एनआरसी से देश की सुरक्षा के लिए महान कार्य हुआ है. भारत आने वाले अल्पसंख्यक शरणार्थियों के हितों की रक्षा के लिए भी कदम उठाएंगे लेकिन रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर करेंगे. जम्मू और कश्मीर में कड़े कदम से आतंकवाद कम हुआ है. राष्ट्रीय हित के लिए, पार्टी के हित को भी हमने त्याग दिया है.
अविश्वास प्रस्ताव में हम जीते : शाह
वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कार्यकारिणी के सामने भविष्य की सियासी रुपरेखा को सबके सामने रखा. शाह ने भाषण की शुरुआत में अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका स्थान नहीं भर सकता वो अजातशत्रु रहे हैं. शाह ने कहा कि पिछली कार्यकारिणी बैठक के बाद कई राज्यों में चुनाव हुए जिसमें हम जीते. त्रिपुरा मे जीत मिली और कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी बनी. देश के 75 फीसदी भूभाग में बीजेपी की सरकार है. जनता में कोई आक्रोश नहीं था फिर भी सरकार ने अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार किया और बड़े नम्बर से हराया.
‘विपक्ष का महागठबंधन ढकोसला है’
अमित शाह ने कहा कि विपक्ष का महागठबंधन ढकोसला, भ्रांति और झूठ आधारित है. 2014 में महागठबंधन के पार्टी को हरा चुके हैं. महागठबंधन के झूठ जनता के पास जाने चाहिए कि इसका कोई फर्क नहीं पड़ता. शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि पी चिदंबरम और कंपनी को फैक्ट के आधार पर आर्थिक स्थिति पर बहस के लिए चुनौती दें. स्वराज अभियान का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस अभियान के तहत 126 सरकारी स्कीम को जनता तक पहुंचाने में कामयाब रहे और यही अंत्योदय है. जनता के साथ दीवाली मनाएं और बताएं कि आप तक क्या-क्या पहुंचाए हैं.
‘कांग्रेस ब्रेकिंग इंडिया कर रही है’
उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि अलग-अलग अभियान के जरिये पार्टी मेकिंग इंडिया कर रही है तो कांग्रेस ब्रेकिंग इंडिया कर रही है. एनआरसी का जिक्र किया अमित शाह ने कहा कि इससे पहले 9 बार कार्यकारिणी में चर्चा हुई है, उसमें नया ये है कि अब घुसपैठियों को घुसने नहीं दिया जाएगा. पार्टी देश भर में सर्जिकल स्ट्राइक को लकर शौर्य दिवस मनाएगी.
अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह अपनी पार्टी को फॉलो करते हैं और मोदी जी बीजेपी को लीड करते हैं. पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से आने वाले हिन्दू, बौद्ध, जैन, ईसाई शरणार्थियों को हमें शरण देनी चाहिए.