मिटटी और कचरे से भरे जा रहे है गड्डे

यहां गड्ढे तारकोल या रोड़ी से नहीं बल्कि मिट्टी कचरे से भरे जा रहे हैं सड़क के गड्ढे, योगी सरकार का गड्ढा मुक्त अभियान गया गड्ढे में, फाइलों में पूरा हो रहा है गड्ढा मुक्त अभियान,,,,,,!!यहां गड्ढे तारकोल या रोड़ी से नहीं बल्कि मिट्टी कचरे से भरे जा रहे हैं सड़क के गड्ढे, योगी सरकार का गड्ढा मुक्त अभियान गया गड्ढे में, फाइलों में पूरा हो रहा है गड्ढा मुक्त अभियान,,,,,,!!   एंकर --अलीगढ़ में नहीं भरे जाएंगे तारकोल या रोड़ी से गड्ढे यहां तो सिर्फ और सिर्फ अगर भरे जाएंगे तो केवल कूड़े या मिट्टी के ढेर से गड्ढे,,,घटिया सामग्री लगाई या फिर सिर्फ फाइलों में भरे जा रहे हैं सड़कों के गड्ढे !,,,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गड्ढामुक्त अभियान चलाया गया था। अधिकांश सड़कों को गढ्डामुक्त किया गया था, लेकिन सवा साल में ही सड़कें फिर जर्जर हो गईं। गड्ढेमुक्त अभियान में करोड़ों का बजट खपाया गया था। इससे साफ है कि सड़क की मरम्मत में घटिया सामग्री लगाई गई थी या फिर फाइलों में ही गड्ढे भरे गए थे।,,,,,शहर को गड्ढा मुक्त करने के दावे हवा में हैं। करोड़ खर्च करने के बाद आज भी सड़कों पर गढ्डे दिखाई देते हैं। सड़क खराब होने की वजह जलभराव के साथ घटिया निर्माण भी है सड़कें बनाने में गुणवत्ता का ध्यान रखना चाहिए। सड़कों पर पानी भरने से गड्ढे हो जाते हैं अगर बात की जाए पुल की,,,,,तो पुल पर तो पानी रुकने का तो मतलब ही नहीं है,,,,,फिर क्या माने कि मानकों के अनुसार पुल की मरम्मत ठीक नहीं होती,,,, जिसके कारण उस पर गड्ढे हो जाते हैं और गड्ढे भी छोटे-मोटे नहीं,,,,,,!!   वीओ 1--अलीगढ़ में करोड़ों सरकारी रुपया सड़कों पर पानी की तरह बहाया जा रहा है उस सब के बावजूद भी अलीगढ़ प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है,,,,आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं कुछ ऐसी तस्वीरें जिसको देखने के बाद भी आप अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पाएंगे,,,,,यह जो पुल है इस पुल का नाम मीनाक्षी पुल है जो कि सन 2000 में बनाया गया था,,,,इस पुल पर हल्के से हल्का वाहन और भारी से भारी वाहन यहां होकर गुजरता है पुल की हालत जर से जर्जर हो गई है,,, इसमें 3 फुट से लेकर 10 फुट तक लंबे गड्ढे हो गए हैं,,,,इस पुल की मरम्मत के लिए सरकार के नुमाइंदों द्वारा ट्रैक्टर में मिट्टी लाकर इन भारी-भरकम गड्ढों को मिट्टी से भरा जा रहा है ।  जब हम मीनाक्षी पुल के पास पहुंचे तो उस पर ट्रैक्टर में लाई गई मिट्टी द्वारा फुल पर बने गड्ढों को मजदूरों द्वारा भरा जा रहा था, जब हमने इस मजदूरों से पूछा कि आप किस पोस्ट पर हैं तो उसने कहा मैं बेलदार हूं मैं मिट्टी डाल रहा हूं पुल पर बने गड्ढों में मिट्टी डाल कर भर रहा हूं इन गड्ढों को जब हमने उनसे पूछा कि किसके आदेश पर आप इन गड्ढों को मिट्टी से भर रहे हो तो उसका साफ तौर पर कहना है कि जेई साहब के आदेश से,,,, हमें कहा गया था,,,,!! इस मजदूर का साफ तौर पर कहना है कि जब अधिकारी गड्ढे भरवाएंगे तो भर ही जाएंगे।   बाइट --बेलदार मजदूर   वीओ 2--अलीगढ़ के जिलाधिकारी के पास पहुचकर हमने उनसे पूछा कि शासन द्वारा मुख्यमंत्री के आदेश हैं सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने के तो हमने उनसे कहा की अलीगढ़ मीनाक्षी पुल के ऊपर जो गड्ढे हैं उनको मिट्टी द्वारा भरा जा रहा है तो इस सवाल पर जिलाधिकारी अलीगढ़ ने कहा कि अलीगढ़ में हम वहां भेज कर चेक करा लेते हैं अगर मानक के विपरीत काम हो रहा है तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी, जब हम ने जिलाधिकारी से पूछा कि नियमानुसार क्या है तो उन्होंने कहा की मिट्टी से नहीं भरना है जो तारकोल और रोड़ी का मिक्चर 4 काउंटिंग के माध्यम से भरना चाहिए तो उस पर जिलाधिकारी कह रहे हैं की वह दो प्रकार की होती है रिपेयर में है या गड्ढामुक्त मैं,,,, हमने उनको बताया की पुल पर गड्ढे हैं तो इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि हम चेक करा लेते हैं, अभी गड्ढों की मानक के अनुसार हो रहा है कि नहीं।   बाइट --चंद्रभूषण सिंह (जिलाधिकारी, अलीगढ़)   वीओ फाइनल --देख लीजिए योगी जी आपके द्वारा लिया गया फैसला गड्ढा मुक्त सड़क से जनता को फायदा हुआ हो या न हुआ हो,,,लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों को भरपेट फायदा हो रहा है,,,,मजदूर को मजदूरी भी मिल गई है,,,,लेकिन चुनावों में यह पानी की तरह बहाया गया रुपया आपके लिए उल्टा ही पड़ने वाला है,

एंकर –अलीगढ़ में नहीं भरे जाएंगे तारकोल या रोड़ी से गड्ढे यहां तो सिर्फ और सिर्फ अगर भरे जाएंगे तो केवल कूड़े या मिट्टी के ढेर से गड्ढे,,,घटिया सामग्री लगाई या फिर सिर्फ फाइलों में भरे जा रहे हैं सड़कों के गड्ढे !,,,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गड्ढामुक्त अभियान चलाया गया था। अधिकांश सड़कों को गढ्डामुक्त किया गया था, लेकिन सवा साल में ही सड़कें फिर जर्जर हो गईं। गड्ढेमुक्त अभियान में करोड़ों का बजट खपाया गया था। इससे साफ है कि सड़क की मरम्मत में घटिया सामग्री लगाई गई थी या फिर फाइलों में ही गड्ढे भरे गए थे।,,,,,शहर को गड्ढा मुक्त करने के दावे हवा में हैं। करोड़ खर्च करने के बाद आज भी सड़कों पर गढ्डे दिखाई देते हैं। सड़क खराब होने की वजह जलभराव के साथ घटिया निर्माण भी है सड़कें बनाने में गुणवत्ता का ध्यान रखना चाहिए। सड़कों पर पानी भरने से गड्ढे हो जाते हैं अगर बात की जाए पुल की,,,,,तो पुल पर तो पानी रुकने का तो मतलब ही नहीं है,,,,,फिर क्या माने कि मानकों के अनुसार पुल की मरम्मत ठीक नहीं होती,,,, जिसके कारण उस पर गड्ढे हो जाते हैं और गड्ढे भी छोटे-मोटे नहीं,,,,,,!!

वीओ 1–अलीगढ़ में करोड़ों सरकारी रुपया सड़कों पर पानी की तरह बहाया जा रहा है उस सब के बावजूद भी अलीगढ़ प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है,,,,आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं कुछ ऐसी तस्वीरें जिसको देखने के बाद भी आप अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पाएंगे,,,,,यह जो पुल है इस पुल का नाम मीनाक्षी पुल है जो कि सन 2000 में बनाया गया था,,,,इस पुल पर हल्के से हल्का वाहन और भारी से भारी वाहन यहां होकर गुजरता है पुल की हालत जर से जर्जर हो गई है,,, इसमें 3 फुट से लेकर 10 फुट तक लंबे गड्ढे हो गए हैं,,,,इस पुल की मरम्मत के लिए सरकार के नुमाइंदों द्वारा ट्रैक्टर में मिट्टी लाकर इन भारी-भरकम गड्ढों को मिट्टी से भरा जा रहा है ।

जब हम मीनाक्षी पुल के पास पहुंचे तो उस पर ट्रैक्टर में लाई गई मिट्टी द्वारा फुल पर बने गड्ढों को मजदूरों द्वारा भरा जा रहा था, जब हमने इस मजदूरों से पूछा कि आप किस पोस्ट पर हैं तो उसने कहा मैं बेलदार हूं मैं मिट्टी डाल रहा हूं पुल पर बने गड्ढों में मिट्टी डाल कर भर रहा हूं इन गड्ढों को जब हमने उनसे पूछा कि किसके आदेश पर आप इन गड्ढों को मिट्टी से भर रहे हो तो उसका साफ तौर पर कहना है कि जेई साहब के आदेश से,,,, हमें कहा गया था,,,,!! इस मजदूर का साफ तौर पर कहना है कि जब अधिकारी गड्ढे भरवाएंगे तो भर ही जाएंगे।

वीओ 2–अलीगढ़ के जिलाधिकारी के पास पहुचकर हमने उनसे पूछा कि शासन द्वारा मुख्यमंत्री के आदेश हैं सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने के तो हमने उनसे कहा की अलीगढ़ मीनाक्षी पुल के ऊपर जो गड्ढे हैं उनको मिट्टी द्वारा भरा जा रहा है तो इस सवाल पर जिलाधिकारी अलीगढ़ ने कहा कि अलीगढ़ में हम वहां भेज कर चेक करा लेते हैं अगर मानक के विपरीत काम हो रहा है तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी, जब हम ने जिलाधिकारी से पूछा कि नियमानुसार क्या है तो उन्होंने कहा की मिट्टी से नहीं भरना है जो तारकोल और रोड़ी का मिक्चर 4 काउंटिंग के माध्यम से भरना चाहिए तो उस पर जिलाधिकारी कह रहे हैं की वह दो प्रकार की होती है रिपेयर में है या गड्ढामुक्त मैं,,,, हमने उनको बताया की पुल पर गड्ढे हैं तो इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि हम चेक करा लेते हैं, अभी गड्ढों की मानक के अनुसार हो रहा है कि नहीं।

वीओ फाइनल –देख लीजिए योगी जी आपके द्वारा लिया गया फैसला गड्ढा मुक्त सड़क से जनता को फायदा हुआ हो या न हुआ हो,,,लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों को भरपेट फायदा हो रहा है,,,,मजदूर को मजदूरी भी मिल गई है,,,,लेकिन चुनावों में यह पानी की तरह बहाया गया रुपया आपके लिए उल्टा ही पड़ने वाला है,