पेट में धंसा था तीर, इलाज के लिए भटकता रहा ग्रामीण

बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मझोली निवासी आलोक सिंह पर पास गांव के ही ग्रामीण ने तीर-धनुष से हमला कर दिया। पेट में धंसे तीर को लेकर परिजन बलंगी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उपचार सुविधा नहीं मिली और उसे वाड्रफनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए कहा गया।बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मझोली निवासी आलोक सिंह पर पास गांव के ही ग्रामीण ने तीर-धनुष से हमला कर दिया। पेट में धंसे तीर को लेकर परिजन बलंगी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उपचार सुविधा नहीं मिली और उसे वाड्रफनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए कहा गया।  ADVERTISING  inRead invented by Teads चिकित्सक ने घायल युवक के पेट से तीर निकाला और मरहम-पट्टी करके रिफर कर दिया था। घायल युवक को लेकर परिजन मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर पहुंचे, जहां उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है।   पेट में धंसा था तीर, इलाज के लिए भटकता रहा ग्रामीण यह भी पढ़ें  ग्राम तिंगुवा निवासी मेहीलाल का लड़का अमर कुछ दिन पहले मझोली के आलोक सिंह पिता रामजतन सिंह 25 वर्ष के भाई राजेंद्र का मोबाइल पार कर दिया था। इसकी जानकारी उसने अपने भाई को दी थी। बीते रविवार को आलोक की मुलाकात बाहर से काम करके घर आ रहे मेहीलाल से हुई और उसने उसके पुत्र अमर के द्वारा भाई का मोबाइल फोन पार कर देने की जानकारी दी।  इसकी जानकारी मिलने पर उसने राजेंद्र को भेजने के लिए कहा था। राजेंद्र जब मेहीलाल से मिलने पहुंचा, तो मोबाइल चोरी की बात को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। पीछे से आलोक पहुंचा और बात बढ़ाने के बजाय मोबाइल वापस कर देने के लिए कहा।   दांत से काटकर दुष्कर्म से बची बड़ी बहन तो छोटी की हत्या कर दी यह भी पढ़ें  यह बात मेहीलाल को नागवार गुजरी और वह तीर-धनुष से आलोक पर हमला कर करके भाग निकला। तीर पेट में धंसने से खून का रिसाव होते देख गांव के लोगों के सहयोग से उसे क्षेत्रीय अस्पतालों से होते मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, जहां आईसीयू में चिकित्सक उसकी निगरानी में लगे हैं।

चिकित्सक ने घायल युवक के पेट से तीर निकाला और मरहम-पट्टी करके रिफर कर दिया था। घायल युवक को लेकर परिजन मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर पहुंचे, जहां उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है।

ग्राम तिंगुवा निवासी मेहीलाल का लड़का अमर कुछ दिन पहले मझोली के आलोक सिंह पिता रामजतन सिंह 25 वर्ष के भाई राजेंद्र का मोबाइल पार कर दिया था। इसकी जानकारी उसने अपने भाई को दी थी। बीते रविवार को आलोक की मुलाकात बाहर से काम करके घर आ रहे मेहीलाल से हुई और उसने उसके पुत्र अमर के द्वारा भाई का मोबाइल फोन पार कर देने की जानकारी दी।

इसकी जानकारी मिलने पर उसने राजेंद्र को भेजने के लिए कहा था। राजेंद्र जब मेहीलाल से मिलने पहुंचा, तो मोबाइल चोरी की बात को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। पीछे से आलोक पहुंचा और बात बढ़ाने के बजाय मोबाइल वापस कर देने के लिए कहा।

यह बात मेहीलाल को नागवार गुजरी और वह तीर-धनुष से आलोक पर हमला कर करके भाग निकला। तीर पेट में धंसने से खून का रिसाव होते देख गांव के लोगों के सहयोग से उसे क्षेत्रीय अस्पतालों से होते मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, जहां आईसीयू में चिकित्सक उसकी निगरानी में लगे हैं।