
बरसात के दौरान उफान पर आए नदी नाले आमजन के साथ ही भगवान और भक्तों की भी परीक्षा ले रहे हैं। ऐसे ही एक वाकया चमोली जनपद में हुआ। जहां नंदा देवी की डोली को रस्सियों के सहारे नदी पार कराई गई। 
नंदा पथ पर बारिश लगातार अवरोध खड़े कर रही है। श्री नंदा देवी लोकजात के दौरान हो रही बारिश से गदेरे (बरसाती नदी) उफान पर हैं, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्यांरी बंगाली गदेरे के उफान पर आने के बाद देवी नंदा की डोली को ढाई घंटे तक रोका गया। हालांकि, बाद में एसडीआरएफ के जवानों ने रस्सियों के सहारे डोली समेत यात्रियों को गदेरा पार करवाया। इसके बाद ही यात्रा आगे बढ़ सकी।
चमोली जिले में इन दिनों श्री नंदा देवी लोकजात (यात्रा) का आयोजन हो रहा है। देवी नंदा की डोली विभिन्न पड़ावों से होते हुए कैलास की ओर बढ़ रही है। सोमवार को लोकजात का पड़ाव भेंटी से स्यांरी होते हुए बंगाली गांव में था। भेंटी में धियाणियों व ग्रामीणों से विदा लेकर से नंदा की डोली स्यांरी गांव पहुंची।
यहां ग्रामीणों ने जागरों के साथ डोली की आगवानी की। इसके बाद डोली स्यांरी से बंगाली गांव की ओर बढ़ी, लेकिन दोनों गांवों के बीच बरसाती गदेरे के उफान पर होने के कारण डोली को करीब ढाई घंटे वहां रुकना पड़ा।
दरअसल, इस गदेरे पर बना पुल दो माह पूर्व बह गया था। ग्रामीण तब से लगातार पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। लोकजात आयोजन की तैयारी बैठक में भी उन्होंने प्रशासन के समक्ष गदेरे पर पुल बनाने की मांग उठाई थी। मगर, प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।