
मुजफ्फरपुर। विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक ओर वो आज रेलवे टेंडर घोटाला मामले में दिल्ली के पटियाला कोर्ट में हाजिर होने के लिए दिल्ली रवाना हुए तो वहीं मुजफ्फरपुर सीजेएम कोर्ट में भाजपा नेता द्वारा दायर परिवाद पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए केस को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।
बता दें कि बालिका गृह यौनशोषण मामले में अपना नाम घसीटे जाने पर उनके खिलाफ राज्य के नगर विकास व आवास मंत्री सुरेश शर्मा ने 24 अगस्त को यह परिवाद दाखिल किया था। तेजस्वी यादव पर मानहानि किए जाने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले उन्हें नोटिस दिया गया था। इसका उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। मंत्री की ओर से दाखिल परिवाद की बुधवार को सुनवाई हुई।
मुजफ्फरपुर के सीजेएम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 500 और 504 के तहत बुधवार को केस स्वीकार किया है।तेजस्वी के खिलाफ मानहानि और जानबूझकर शांति भंग करने की धारा के तहत केस दर्ज किया गया है। दर्ज धाराओं में अधिकतम दो साल की सजा का प्रावधान है। अब इस मामले में 20 सितंबर को अगली सुनवाई होगी।