
धनबाद : भारतीय जनता पार्टी धनबाद जिला संगठन को अदृश्य शक्ति ने एक दशक से अपनी मुट्ठी में बंद कर रखा है। मुख्यमंत्री रघुवर दास से लेकर भाजपा का अदना सा अदना कार्यकर्ता चाहता है कि धनबाद जिला भाजपा संगठन दो भाग में विभक्त हो। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा संगठनात्मक दृष्टिकोण से धनबाद जिले को दो भाग में बांट चुके हैं-धनबाद महानगर और धनबाद ग्रामीण।
इस बाबत उन्होंने दिसंबर 2017 के अंतिम सप्ताह में धनबाद जिला भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह को लिखित सूचना दी। साथ ही केंद्रीय नेतृत्व को भी प्रदेश अध्यक्ष के फैसले से अवगत कराया गया। इसके बावजूद बीते आठ महीने में धनबाद जिला भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष के नाम की घोषणा नहीं हो सकी है। अदृश्य शक्ति ग्रामीण जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा करने से प्रदेश नेतृत्व के हाथ को बांध रखी है। हजारीबाग कार्यसमिति में दो भाग में बांटने का पारित हुआ था प्रस्ताव : एक दशक पहले 2007 में हजारीबाग झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक हुई थी।
इस दौरान रांची, जमशेदपुर और धनबाद जिला भाजपा संगठन को दो भाग में बांटने का निर्णय लिया गया। तब पीएन सिंह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे। अब वह धनबाद के सांसद हैं। हजारीबाग में लिए गए निर्णय का रांची और जमशेदपुर में तो अनुपालन हो गया। लेकिन, अदृश्य शक्ति धनबाद में अनुपालन करने के आड़े आ गई। हालांकि एक दशक से धनबाद संगठन को दो भाग में बांटने की मांग समय-समय पर उठती रही है। जून 2017 में गिरिडीह प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक में धनबाद को दो भाग में बांटने का मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा और संगठन महामंत्री अनंत ओझा को निर्देश दिया। साथ ही ग्रामीण जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा करने की जिम्मेवारी सौंपी।
एक वर्ष बाद भी कोई प्रगति नहीं है। रामप्रसाद महतो दौड़ में आगे: धनबाद जिला ग्रामीण भाजपा अध्यक्ष के लिए आधा दर्जन दावेदार हैं। लेकिन दौड़ में जिला महामंत्री राम प्रसाद महतो सबसे आगे बताए जात हैं। रायशुमारी के दौरान धनबाद के सांसद पीएन सिंह, गिरिडीह के सांसद रवींद्र पांडेय, धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने महतो के नाम पर सहमति प्रदान की है। जबकि सिंदरी के विधायक फूलचंद मंडल ने किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष संतलाल प्रमाणिक का नाम लिया है। बाघमारा के विधायक ढुलू महतो ने किसी का नाम नहीं लिया है। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व पर ही सब कुछ छोड़ दिया है। धनबाद जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह का झुकाव संजय सिंह के प्रति है। संगठन का स्वरूप : धनबाद जिले में छह विधानसभा क्षेत्र हैं। धनबाद, सिंदरी, झरिया, निरसा, टुंडी और बाघमारा। जिला भाजपा संगठन दो भाग में विभक्त होने के बाद महानगर कमेटी में धनबाद, झरिया और बाघमारा विधानसभा क्षेत्र शामिल होगा। जबकि ग्रामीण जिला कमेटी के तहत सिंदरी, टुंडी और निरसा विधानसभा क्षेत्र आएगा।
धनबाद जिला भाजपा संगठन को दो भाग में बांटने का आधिकारिक निर्णय बहुत पहले हो चुका है। क्षेत्र का खाका भी तैयार है। ग्रामीण जिलाध्यक्ष के नाम पर सहमति बन चुकी है। 29 को पलामू और रांची प्रमंडल भाजपा तथा 31 अगस्त को कोल्हान प्रमंडल भाजपा की बैठक है। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ग्रामीण जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा करेंगे।