
आंखों के कैंसर के लक्षण की बात करें तो जिन बच्चों को यह दिक्कत होती है उनकी आंखों के बीच में सफेद रोशनी दिखाई देने लगती है. इसके अलावा भेंगेपन के कई मामलों में भी कैंसर का खतरा हो सकता है. आंखों के कैंसर का उपचार नेत्र रोग विशेषज्ञ के द्वारा ही कराना चाहिए.
पता चलने पर जल्दी से जल्दी इसका उपचार कराना चाहिए. इसकी जानकारी ही इसका पहला बचाव है. इसकी रोकथाम जागरुकता और इससे लड़ने की प्रतिबद्धता से ही की जा सकती है. यदि बच्चे का नेत्र विशेषज्ञ से समय पर परीक्षण कर लें तो बच्चे की दृष्टि बचाया जा सकता है.
बच्चों में आंखों के कैंसर के प्रमुख लक्षण-
1-आंख की पुतली का सफेद हो जाना (ल्यूकोकोरिया)
2-आंखों से तिरछा देखना (भेंगापन)
3-मोतियाबिंद के कारण आंखों में दर्द होना
आंख के कैंसर के मुख्य लक्षण-
1-एक आंख से धुंधला दिखाई देना
2-फ्लोटर्स का बनना (दृष्टि क्षेत्र में छोटे ‘अस्थायी’स्पॉट)
3-आंख की पुतली (आईरिस) के रंग का बदलना या इस पर काला धब्बा पड़ना
4-आंख का लाल होना या आंख में दर्द होना, या फिर दोनों
5-आंख में उभार आना