डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने ट्वीट कर तेजप्रताप को दी ये नसीहत, जानिए क्या कहा

पटना। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव की हत्‍या की साजिश रची गई थी, जिसे उनके अंगरक्षकों ने नाकाम कर दिया। तेज प्रताप यादव ने बीजेपी और आरएसएस पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। मामला हाजीपुर से महुआ जाने के दौरान एक हथियारबंद युवक द्वारा उनके हाथ पकड़ लेने का कहा गया है। तेज प्रताप यादव के मारने की साजिश के दावे पर बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील कुमार ने जवाबी हमला बोला है। सुशील मोदी ने कहा कि जो व्यक्ति पीएम की चमड़ी उधेड़ने की धमकी दे सकता है, उसे बाहरी लोगों से क्या खतरा हो सकता है?

उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने गुरुवार की देर रात एक ट्वीट के जरिये तेज प्रताप के आरोपों का खंडन किया और लिखा- राजद की आपराधिक संस्कृति में पले लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव अपनी पार्टी में उपेक्षा के शिकार हैं, इसलिए सुर्खियों में आकर सहानुभूति पाने के लिए अपनी असुरक्षा का नाटक कर रहे हैं।

उन्हें भाजपा पर आरोप लगाने से पहले अपने आस-पास के लोगों की सही पहचान करनी चाहिए।’ उन्होंने इस पोस्ट के नीचे एक फोटो भी शेयर किया है, जिस पर लिखा है- ‘जो पीएम की चमड़ी उधेड़ने की धमकी दे सकता है, उसे बाहरी लोगों से क्या खतरा हो सकता है?’

इससे पहले घटना को लेकर तेज प्रताप यादव ने कहा था कि ‘महुआ जाने के क्रम में एक हथियार से लैस एक शख्स ने मेरा हाथ पकड़ा और उसे छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था। यह आरएसएस और बीजेपी द्वारा मुझे मारने की साजिश है। यहां विधायक और मंत्री सुरक्षित नहीं है, तो फिर आम आदमी कैसे सुरक्षित रह सकता है?’ बाद में पता चला कि जिस शख्स ने तेज प्रताप यादव का हाथ पकड़ा था वह उनका ही चालक रह चुका था जो महुआ में स्वागत के लिए खड़े लोगों के बीच शामिल था। हालांकि, बाद में उस हथियारबंद शख्स पुलिस के हवाले कर दिया गया।  

अपने अंदाज के लिए जाने जाते तेज प्रताप

विदित हो कि तेज प्रताप यादव अपने विधानसभा क्षेत्र में अपने अंदाज में भ्रमण करते रहे हैं। बीते दिनों उन्‍होंने यहां रिक्‍शे की सवारी की थी तथा ट्रैक्‍टर भी चलाया था। तेज प्रताप ने यहां के लोगों के साथ सत्‍तू भी खाया था। उनके ऐसे कार्यों के दौरान सुरक्षा घेरा टूटता रहा है। हाल की बात करें तो पटना में वे साइकिल चलाते हुए अपने ही सुरक्षा दस्‍ते की गाड़ी से टकराकर गिर पड़े थे। इस सावन में वे बाबा नगरी देवघर भी गए थे, जहां उनका शिव रूप चर्चा में रहा था। पहले उनकी मुरली व शंख बजाते तथा मिठाई बनाते कई तस्‍वीरें वायरल हो चुकी हैं।