
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वफादारी भूल अपनी ही मालकिन को नोच-नोचकर मारने वाले खूनी पिटबुल डॉग का व्यवहार अब सामान्य है. बताया जा रहा है कि उसे गोद लेने के लिए आठ संस्थाएं आगे आई हैं. उसके मालिक अमित ने उसके संबंध में नगर निगम से कोई संपर्क नहीं किया है. कैसरबाग के बंगाली टोला निवासी अमित मिश्रा के पालतू पिटबुल कुत्ते ने 12 जुलाई को नोचकर उनकी मां को मार डाला था. 14 जुलाई को नगर निगम टीम कुत्ते को पकड़कर जरहरा स्थित एनीमल बर्थ कन्ट्रोल सेन्टर अस्पताल ले आयी थी. तब से पिटबुल यहीं है.
लखनऊ नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि पिटबुल का व्यवहार सामान्य है. वह सभी से घुल मिल गया है. अब तो बाल और अन्य खेल भी खेल रहा है. खाना भी चाव से खा रहा है. पिटबुल की अभी नसबंदी नहीं हुई है. पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव ने बताया कि जब इसे लाया गया था, तब मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. नसबंदी पर दिक्कतें हो सकती थीं, इसीलिए नहीं की गयी. दूसरे को सौंपने से पहले इस पर विचार किया जाएगा. वहीं पिटबुल को अपने पास घर में रखने के लिए अमित त्रिपाठी के पास लाइसेंस था
यही वजह है कि अमित त्रिपाठी के ऊपर अभी तक नगर निगम के द्वारा कोई मुकदमा नहीं कराया गया है. इससे पहले मृतक महिला के पुत्र अमित ने बताया कि पिटबुल आक्रामक नहीं था. वह मां के साथ हमेशा खेलता रहता था. अमित ने बताया कि कभी-कभी दरवाजे की घंटी बजाने से बार-बार चिढ़ता था. इसी कारण वह अक्सर गुस्सा हो जाता था. शायद हमला करने की यही वजह हो. नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक पड़ोसियों ने भी कोई शिकायत नहीं दी है. लेकिन, जानकारों का मानना है कि लोगों को अग्रेसिव नेचर के कुत्ते नहीं पालने चाहिए.