वोटर लिस्‍ट से हटाया जाएगा एनआरसी ड्राफ्ट से गायब नागरिकों का नाम

एनआरसी ड्राफ्ट आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. इस बीच चुनाव आयोग ने असम के मुख्‍य चुनाव आयोग से एनआरसी ड्राफ्ट की विस्‍तृत रिपोर्ट मांगी है. मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ने इसके लिए दस दिन का समय दिया है. मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ने साफ किया है कि कानून के मुताबिक जो भारतीय नागरिक होगा, वही भारत का वोटर हो सकता है.

ऐसे में अंतिम तौर पर जब एनआरसी की लिस्‍ट आएगी और उसमें जिन भारतीयों का नाम होगा, उन्‍हें ही कानून के मुताबिक वोट देने का अधिकार दिया जाएगा. एनआरसी ड्राफ्ट के अनुसार 40 लाख लोग भारतीय नागरिक नहीं बताए गए हैं लेकिन इनमें से बहुत से लोग 18 साल से कम आयु के भी हैं. ऐसे में चुनाव आयोग ने असम आयोग से इसकी विस्‍तृत जानकारी मांगी है.

जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) के ‘‘पूर्ण मसौदे’’ के सोमवार को जारी होने के बाद इसमें उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाने वाले 40 लाख से ज्यादा लोगों का भविष्य अधर में लटका हुआ है क्योंकि इन लोगों की नागरिकता की स्थिति पर टिप्पणी करने से केंद्र ने इनकार कर दिया है. एनआरसी रिपोर्ट में 2.89 करोड़ लोगों का नाम शामिल है. 

एनआरसी में शामिल होने के लिए असम में 3.29 करोड़ लोगों ने आवेदन दिया था. मंगलवार को मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ओपी रावत ने इस मामले में असम के मुख्‍य चुनाव आयोग को इस मामले में विस्‍तृत जानकारी देने को कहा है. चुनाव आयुक्‍त ने कहा है कि जिस भी नागरिक का नाम इस लिस्‍ट में नहीं होगा उसका नाम वोटर लिस्‍ट से हटा लिया जाएगा.