
इंद्रदेव और इंद्रमणि त्रिपाठी(नगर आयुक्त) के रुख से जनजीवन अस्त व्यस्त….
पुराने लख़नऊ का बुरा हाल , हज़ारों लोगों के घर मे घुसा पानी….

पॉश इलाक़ों का भी बुरा हाल मंत्री जय कुमार जैकी तक के घर मे नगर निगम की असीम अनुकम्पा से हुआ जलभराव….
गाजीपुर थाने में भी भयंकर जलभराव, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री की फ़ोटो छोड़कर सबकुछ डूबा…..
कागज़ों पर नाले ,नालियों की सफ़ाई कराने वाले नगर निगम के अधिकारी दफ़्तर में कुल्हड़ की चाय और हींग वाले समोसे का आनंद ले रहें हैं……

नगर निगम के भ्रष्टाचार पर हुक्मरानों ने साधी चुप्पी , मैनपॉवर के काम में नगर निगम के अधिकारी , कर्मचारियों का चल रहा सिंडिकेट ,कागज़ों पर चल रही साफ सफाई…….
निरीक्षण स्पेशलिस्ट नगर आयुक्त आज काटो तो खून नहीं वाली स्थिति में, चार्ज लेते समय,ईमानदारी की ऐसी गाथा गा रहे थे, जैसे मानों लख़नऊ को एम्सटर्डम बना देंगे…..
इंद्र देव की एक ही कुदृष्टि/सुदृष्टि से इंद्रमणि त्रिपाठी जी का निरीक्षण का गुब्बारा फूटा….