सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का केंद्रीय टीम ने किया अनुश्रवण

  • केन्द्रीय अधिकारी ने लखनऊ में जानी अभियान की हकीकत

फाइलेरिया अभियान
• वेक्टर बोर्न डिजीज की संयुक्त निदेशक डॉ छवि ने किया दौरा
• शहर के सुदर्शनपुरी और तकिया क्षेत्र का किया भ्रमण
• 22 दिसंबर से शुरू हुआ एमडीए राउंड 7 दिसंबर तक चलेगा

लखनऊ, फाइलेरिया अभियान की हकीकत जानने के लिए भारत सरकार में वेक्टर बोर्न डिजीज की संयुक्त निदेशक डॉक्टर छवि पंत ने शुक्रवार को लखनऊ का दौरा किया। फाइलेरिया का मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) राउंड 7 दिसंबर तक चलेगा।
शहर के ऐशबाग के सुदर्शनपुरी और तकिया इलाके का दौरा कर फाइलेरिया अभियान की हकीकत जानी और लोगों को फाइलेरिया रोग से होने वाली परेशानी के बारे में भी अवगत कराया। डॉक्टर छवि ने दवा खाने वालों से एडवर्स एफ़ेक्ट समेत कई पहलुओं पर बात की। सुदर्शनपुरी क्षेत्र की 36 वर्षीय मिनाखी और 28 वर्षीय सुमन ने बताया कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपने सामने दवा खिला रहे हैं। भ्रमण के दौरान डॉ छवि ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजर्स से अभियान के दौरान आ रही चुनौतियों पर भी बात की। साथ जनपद का आंकड़ा और फाइलेरिया का लक्ष्य भी जाना। डॉ छवि ने सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) संस्था के सहयोग से हुए नुक्कड़ नाटक की तारीफ। उन्होंने कहा कि यदि नुक्कड़ नाटक समेत अन्य माध्यमों से हम जनता के बीच सार्थक संदेश देने में सफल हो जाएं तो यह बीमारी सिर्फ जागरूकता से काफी कम की जा सकती है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. के.पी. त्रिपाठी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऐशबाग की चिकित्साधीक्षिक डॉ. मंजु चौरसिया, विश्व स्वास्थ्य संगठन, पाथ सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) समेत कई स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नुक्कड़ नाटक कर समझाया, क्यों खाएं फाइलेरिया की दवा
लखनऊ। सुनो रे भैया, सुनो रे बहना, सुनो रे दादा, सुनो रे अम्मा… बात पते की आज तुम्हें बताने आया हूं…हो जाओ सावधान तुम्हें जगाने आया हूं..हाइड्रोसील और हाथी पांव फाइलेरिया की निशानी है…कर देता है जीवन मुश्किल यही इसकी कहानी है… कुछ ऐसे संदेश के साथ गुरुवार को लखनऊ जनपद में सुदर्शनपुरी में नुक्कड़ नाटक आयोजित हुआ। सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) संस्था के सहयोग से सुदर्शनपुरी में नुक्कड़ नाटक आयोजित हुआ। सभी कलाकार आकार फाउंडेशन के थे। इस दौरान कलाकारों ने अपने डाईलॉग्स के जरिए बीमारी की गंभीरता समझाई। साथ ही एमडीए राउंड के दौरान मुफ़्त मिलने दवा खाने की अपील की। अभय शुक्ला डॉक्टर के किरदार में, शाश्वत शुक्ला सुखदेव चाचा के किरदार और ललिता कुमारी आशा दीदी के किरदार गजब का अभिनय किया। वहीं मोहित कश्यप गोपाल दादा के किरदार में और अभय सिंह रामधनी किरदार में काफी आकर्षक मंचन किया।