कानून को दर किनार करके मांस की बिक्री चरम पर

  • मास के काटने औऱ बिक्री के पीछे पुलिस चौकी में तैनात एक पुराने सिपाही का हाथ होना बताया जा रहा है, यह सिपाही कई वर्षों से इसी चौकी पर जमा हुआ है!

सीतापुर :-रिहायशी इलाके में बिना लाइसेंस का मांस बेचा जा रहा है और पुलिस कारवाई मात्र खानापूर्ति ही साबित हो रही हैं!देश में पर्यावरण और खाद्य संबंधी कानून जिस अराजक तरीके से लागू किया जा रहा है, उसमें देश की बड़ी सच्चाईयां नजरंदाज होती नज़र आ रही हैं! पुलिस की नाक के नीचे पुराने सीतापुर कोहना चौकी क्षेत्र में बिना लाइसेंस के मीट की बिक्री चरम पर है!

उत्तर प्रदेश प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद पहला बड़ा फैसला लेते हुए 22 मार्च को सभी अवैध बूचड़खानो को बंद करने के आदेश दे दिए!

प्राप्त जानकारी के अनुसार सीतापुर के पुराने एक मोहल्ले में पिछले काफी समय से मांस की बिक्री पूरी तरह से गलत तरीके से की जा रही हैं, जिनके पास मांस काटने व बेचने का लाइसेन्स है ही नहीं, फिर भी शहर में मांस की बिक्री किसी ना किसी रूप में की जा रही हैं औऱ पुलिस जान कर अनजान बनी हुई है! मास के काटने औऱ बिक्री के पीछे पुलिस चौकी में तैनात एक पुराने सिपाही का हाथ होना बताया जा रहा है, यह सिपाही कई वर्षों से इसी चौकी पर जमा हुआ है! नाम ना छपने की शर्त पर एक स्थानीय निवासी ने बताया कि इस सिपाही की पहुँच बहुत ऊपर तक है, जिसके चलते इसको कोई हटा नही पाता है, अवैध मीट कारोबारियों से यह सिपाही रुपये वसूलता है औऱ महीने की कमाई लाखो में करता है!

मांस की बिक्री रिहायशी इलाके में चलाई जा रही हैं जो कि पूरी तरह से अवैध तरीके से चलाई जा रही हैं, क्योकि रिहायशी इलाके में बिना लाइसेंस का मांस बेचना मना औऱ जीव काटना पूरी तरह से अवैध है!जबकि पुराने सीतापुर में इस समय ये काम चरम पर है
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के एक फैसले के हवाले के अनुसार, एनजीटी का यह आदेश 12 मई 2015 को आया था!एनजीटी ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक समिति गठित करने का आदेश दिया था जो स्थानीय मांस की जरूरत के हिसाब से छोटे दुकानदारों को सीमित संख्या में पशुओं की हत्या और मांस की बिक्री का अधिकार देगा! इस आदेश के अनुसार बोर्ड को यह हर तिमाही में करना था!उन दिशा-निर्देशों का क्या हुआ शायद कोई नहीं जानता! यह भी कि उनका पालन संभव है भी या नहीं!

पुराने सीतापुर में मास की बिक्री को लेकर नियम कायदे ताक पर है! बिना लाइसेंस के प्रतिबंधित जानवर काटे जा रहे है! जहा-तहा अवैध रूप से मीट की बिक्री की जा रही है! नियम-कानून का पालन शून्य हो चुका है! वही पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई खानापूर्ति ही साबित हो रही हैं!!