
बीजेपी और शिवसेना के बीच तनाव और मतभेद बढ़ता ही जा रहा है. एक तरफ जहां बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अकेले चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं. वहीं, शिवसेना के मुख्यपत्र ‘सामना’ को दिए इंटरव्यू में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है. 2014 के चुनाव में मोदी के नेतृत्व में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिलने का जिक्र करते हुए ठाकरे ने कहा, ‘2014 के जनमत का रुझान जनता की गलती नहीं, बल्कि जनता से ठगी थी.’
बता दें कि शिवसेना नेता संजय राउत ने शुक्रवार को उद्धव ठाकरे का इंटरव्यू लिया था. सोमवार को ‘सामना’ में इस इंटरव्यू का पहला भाग छपा. मंगलवार को दूसरा भाग छापा गया है. इंटरव्यू के पहले भाग में भी ठाकरे ने मोदी सरकार पर तीखे हमले किए थे. उन्होंने कहा था, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता के सपनों के लिए नहीं, बल्कि आम आदमी के सपनों लिए लड़ रहा हूं.” उद्धव ने इस इंटरव्यू में कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा है.
‘BJP से पूछो-पैसा कहां से आता है?’
चुनाव में लगाया जाने वाला पैसा कहां से आता है? इसका उद्गम कहां है, इसकी गंगोत्री कहां है? के सवाल पर उद्धव ठाकरे ने जवाब दिया, ‘यह हमें पता होता तो हमने नहीं कमाया होता? इसलिए जिसके पास यह पैसा है, उससे पूछना चाहिए कि यह पैसा कहां से आता है?’
बीजेपी ने शुरू की ‘डाकू राजनीति’
ठाकरे ने कहा, ‘बीजेपी ने ये जो नई राजनीति शुरू की है, यह राजनीति ‘डाकू’ शब्द के इर्द-गिर्द घूम रही है. मुझे तो ऐसा लगता है. आप उस डाकू का या बाद में ऋषि बने उन वाल्मीकि का अपमान न करें. वे अलग थे. डाकू से वाल्मीकि बनने के लिए भी तपस्या करनी पड़ती है. वैसी तपस्या उन्होंने की थी, इसलिए वे डाकू से वाल्मीकि बने. सिर्फ कुर्सी पर बैठे रहते और आशीर्वाद दिया होता, तो डाकू से वाल्मीकि नहीं बनते.’
EVM पर भी उठाए सवाल
इंटरव्यू में उद्धव ठाकरे ने चुनाव के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के इस्तेमाल पर भी सवाल खड़े किए हैं. एक सवाल के जवाब में उद्धव ने कहा है कि दूसरे की चाटुकारिता करने की बजाय वो बॉस बनना पसंद करेंगे.