
एंकर–पंचतत्व में विलीन हो गए पद्मभूषण गोपाल दास नीरज,साहित्य के महाआरती की अंतिम यात्रा में उमड़े जनसैलाब ने अपने प्रिय कवि को बढ़चढ़कर श्रद्धांजलि अर्पित की,आज दोपहर में आगरा से अलीगढ़ के जनकपुरी स्थित अपने पैतृक आवास पर लाये गए नीरज जी के पार्थिव शरीर की एक झलक देखने व उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद नुमाईश ग्राउंड स्थित शमशान में उनके बेटे ने उनको मुखाग्नि दी,इस मौके पर प्रदेश सरकार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे सूबे के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण,दो दिन पूर्व पद्मभूषण गोपाल दास नीरज का दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था.

वी/ओ–1–93 वर्ष की आयु में साहित्य कला के क्षेत्र को सुना कर सबको अलविदा कहकर चले जाने वाले महाकवि पद्मभूषण गोपाल दास नीरज को आज अलीगढ़ में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी,दोपहर बाद आगरा से चलकर अलीगढ़ शव उनके पैतृक आवास जनकपुरी पहुंचा जहां जनता दर्शन के बाद अंतिम यात्रा की तैयारी पूर्ण की गई,नुमाईश ग्राउंड स्थित कृष्णनजली नाट्यशाला में रखे गए पद्मभूषण गोपाल दास नीरज के शव पर जनपद के पुलिस,प्रशासनिक सहित कई गड़मान्य लोगों ने पुष्प अर्पित किए,प्रदेश सरकार की ओर से श्रद्धांजलि देने पहुंचे सूबे के राज्यमंत्री ने कहा कि आज स्वयं देश के प्रधानमंत्री शाहजहांपुर में उपस्थित जहां का में प्रभारी मंत्री हूँ लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नीरज जी प्रदेश व देश के गौरव हैं जिसके बाद मैं यहां स्वयं उपथित हूँ, नीरज जी हमारे गुरु थे,हिंदी के क्षेत्र की अपूरणीय क्षति,उत्तर प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति,हमारी यही प्रार्थना है कि नीरज जी को भगवान अपने चरणों मे जगह दे.