
अलीगढ़ में करणी सेना के पदाधिकारियों द्वारा कहा गया कि अफगानिस्तान के अंदर तालिबानियों के द्वारा किए जा रहे अत्याचार पर भारत के अंदर कुछ समर्थक मौजूद हैं, जो तालिबान के समर्थन में बयान बाजी कर रहे हैं इसके विरोध में करणी सेना के द्वारा राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन कलेक्ट्रेट पर छत पर दिया गया जिसमें उनकी मांग थी कि ऐसे बयान बाजी करने वाले लोगों के विरुद्ध देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए और भारतीय नागरिकता को रद्द किया जाए और इन लोगों के द्वारा जो संपत्ति भारत में अर्जित की गई है उसको जप्त किया जाए और इन लोगों को मिल रही है सरकारी सुविधाएं व सेवा समाप्त की जाए।