आज सावन शिवरात्रि में इन 5 मन्त्रों के जाप से खुश होंगे महादेव

सावन का महीना चल रहा है और आज सावन शिवरात्रि है। ऐसे में आज के दिन भोले बाबा का पूजन करने से सभी काम आसानी से बन जाते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं सावन शिवरात्रि पर आप किन 5 मंत्रों से भोले बाबा का अभिषेक कर सकते हैं जिससे आपको उनकी कृपा मिले।

1- ऊं नमः शिवाय – इस मंत्र को शिव पंचक्षार और शिव पंचकशी कहते हैं और इस मंत्र का अर्थ है, ‘मैं शिव के समक्ष अपना सिर झुकाकर प्रणाम करता हूं। मैं सम्‍मानपूर्वक उनके नाम का आह्वान करता हूं/करती हूँ।’

2- ऊं तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात। – इस मंत्र का अर्थ है कि हे प्रभु मुझे उच्‍च बुद्धि दें और भगवान रुद्र को मेरा नमस्‍कार है। हे प्रभु मेरे दिमाग को रोशन करें। कहा जाता है इस मंत्र के प्रभाव से मनुष्‍य के समस्‍त पापों का नाश हो जाता है। 

3- करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं ।
विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो ॥

इस मंत्र का अर्थ है कि हे सर्वशक्तिमान प्रभु आप मेरे तन को शुद्ध करें, मेरे दिमाग और आत्‍मा को तनावमुक्‍त करें। मेरी असफलता, अवसार और सभी बुरी चीजों को नष्‍ट करें। आपके समक्ष मेरा प्रणाम स्‍वीकार्य हो।

4- ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्

इसका अर्थ है कि हम त्रिनेत्रधारी भगवान शिव की पूजा करते हैं। जो खुशबूदार हैं और जो सभी प्राणियों के पोषण के साथ उनकी रक्षा करते हैं। वह हमें अकाल मृत्‍यु के भय से दूर करते हैं।

5- मृत्युञ्जयाय रुद्राय नीलकन्ताय शंभवे
अमृतेषाय सर्वाय महादेवाय ते नमः

इस मंत्र का अर्थ है कि हे भगवान शिव, आप ऐसे ही हैं जिन्होंने मौत पर विजय प्राप्त की है। हे भगवान, आप नीलकंथा हैं क्योंकि आपके पास नीले गले हैं। हम आपसे नमस्कार करते हैं, जिनके हाथ नमस्ते में बांधे हुए हैं।