पंजाब में आढ़ती गेहूं खरीद का करेंगे बहिष्कार, किसान महापंचायत से पहले सरकार के लिए खड़ी की मुश्किलें

सरहिंद अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान-मजदूर एकता महापंचायत से पहले आढ़तियों ने पंजाब सरकार के लिए नई मुश्किल खड़ी कर दी है। एफसीआइ द्वारा फसल की सीधी अदायगी और जमीन का रिकार्ड मांगने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे आढ़तियों ने मांगें पूरी होने तक गेहूं की खरीद का बहिष्कार करने का एलान किया है। वे किसानों व मजदूरों को साथ लेकर भी हड़ताल की तैयारी में हैं। पूरे संघर्ष की अगली रणनीति 30 मार्च को श्री मुक्तसर साहिब और 5 अप्रैल को बाघापुराना में बनाई जाएगी। यह फैसले मार्केट कमेटी सरहिंद में पंजाब आढ़ती एसोसिएशन की 31 सदस्यीय कमेटी की बैठक में लिए गए।

बैठक की अध्यक्षता फेडरेशन आफ आढ़ती एसोसिएशन आफ पंजाब के अध्यक्ष  विजय कालरा ने की। कालरा ने कहा कि केंद्र सरकार आढ़तियों को खत्म करना चाहती है। इसलिए फसलों की सीधी अदायगी पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र की तरफ से पंजाब सरकार पर भी दबाव बनाया जा रहा है लेकिन वे पंजाब सरकार के भी किसी बहकावे में नहीं आएंगे और अपने वजूद को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि 30 मार्च को श्री मुक्तसर साहिब की अनाज मंडी में पंजाब की सभी मंडियों के अध्यक्षों व जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में किसान-मजदूर यूनियन नेताओं को भी आह्वान किया गया है। सभी से विचार करके किसानों व मजदूरों को साथ लेकर गेहूं खरीद का बहिष्कार किया जाएगा। 5 अप्रैल को मोगा के बाघापुराना में पंजाब भर के आढ़तियों का सम्मेलन होगा। इसमें अगली रणनीति का ऐलान किया जाएगा।

केंद्र से लड़ाई लड़ें पंजाब, हम नहीं हटेंगे पीछे

विजय कालरा ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से अपील की कि केंद्र सरकार से सीधे लड़ाई लड़ी जाए। फसल की सीधी अदायगी का विरोध जारी रखा जाए। वे पंजाब के साथ रहेंगे और पीछे नहीं हटेंगे। अगर पंजाब सरकार आढ़तियों का साथ नहीं देगी तो वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे। कालरा बोले कि किसान भवन में मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि आढ़ती सिस्टम किसी कीमत पर खत्म नहीं होने देंगे। कैप्टन को यह वादा पूरा करके दिखाना होगा।

आज चार बजे सीएम और मंत्री से होगी बैठक

कालरा ने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर बुधवार शाम चार बजे चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से उनकी बैठक हो रही है। बैठक में संबंधित मंत्री भारत भूषण आशु के अलावा गेहूं खरीद से संबंधित प्रदेश की अफसरशाही मौजूद होगी। इस बैठक में भी वे दो टूक में यही कहेंगे कि केंद्र से लड़ाई लड़ी जाए। अन्यथा वे किसी कीमत पर हड़ताल वापस नहीं लेंगे।

131 करोड़ पंजाब को देने ही होंगे

गत दिनों कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु ने 131 करोड़ बकाया राशि को आढ़तियों की गलती करार दिया था और कहा था कि पंजाब के पास कोई विभाग नहीं जहां से यह अदायगी की जाए। इस पर कालरा ने कहा कि पंजाब सरकार को यह बकाया देना ही होगा। उनकी मंत्री से बात हो गई है। मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि वे केंद्र सरकार से बकाया राशि लेकर आढ़तियों के खाते में ट्रांसफर कर देंगे।