पंजाब के सरकारी स्कूलों को प्री प्राइमरी क्लासों की स्वच्छता बनाएं रखने के लिए मिली ग्रांट

सरकारी स्कूलों में लगने वाली प्री प्राइमरी क्लासों के विद्यार्थियों की बेहतरी के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से फंड जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत विद्यार्थियों की हेल्थ और हाईजीन प्रति 12 हजार रुपये खर्च दिया जा रहा है। इसी तरह से मटीरियल बकेट प्रति स्कूल के लिए 2900 रुपये, टीचर लर्निंग मटीरियल (टीएलएम) ग्रांट के लिए 2500 रुपये,जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों की बेहतरी के लिए स्कूलों में यह ग्रांट खर्च की जाएगी, ताकि उन्हें बेहतर माहौल के साथ-साथ लर्निंग मटीरियल भी बेहतर मिले। जो विद्यार्थियों के बेहतर विकास के लिए लाभदायक साबित हों।

2017 में शुरू की गई थी प्री प्राइमरी क्लासें

शिक्षा विभाग की तरफ से वर्ष 2017 से सरकारी स्कूलों में तीन से छह साल के बच्चों के लिए प्राइमरी क्लासें शुरू की गई थी, ताकि प्राइवेट स्कूलों को टक्कर देने में सरकारी स्कूल पीछे न रहे। हालांकि इससे पहले सरकारी स्कूलों में केवल छह साल के बाद ही विद्यार्थी दाखिला ले सकता था।

विद्यार्थियों के लिए खरीद प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश जारी

डायरेक्टोरेट एससीईआरटी पंजाब की तरफ से राज्य भर के जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंटरी सहित स्कूल मुखियों के लिए नोटिस निकाल कर तुरंत विद्यार्थियों के लिए खरीद प्रक्रिया पूरी करने के लिए कह दिया गया है। फिलहाल तो मौजूदा समय में दस महीने से स्कूल विद्यार्थियों के लिए बंद हैं, मगर स्कूलों की सांभ संभाल के लिए स्कूलों को खोल दिया गया है, ताकि स्कूलों को मिलने वाली ग्रांट का खर्च करके स्थिति को सुधारा जा सके। जैसे ही विद्यार्थी स्कूल में आए तो उन्हें स्कूल का इन्फ्रास्ट्रक्चर ही नहीं बेहतर लर्निंग मटीरियल भी मिले।