पांच साल के दिव्‍यांग को ट्रेन में छोड़ मां बाप हुए फरार, RPF ने बच्‍चे को चाइल्‍ड लाइन के किया हवाले

उम्र सिर्फ पांच साल है। न बोल सकता है और न चल-फिर सकता है। उसकी यही लाचारी मां-बाप को रास नहीं आई और उन्होंने उस बेबस को ट्रेन में छोड़ दिया और चुपचाप उतर गये। ट्रेन में बच्चे को अकेला देख किसी ने धनबाद आरपीएफ कंट्रोल को 182 पर इत्तला किया। खबर मिलते ही आरपीएफ पहुंची और बच्चे को उतार लिया। फिलहाल उसे चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला

आरपीएफ कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि आनंदविहार से पुरी जानेवाली डाउन नीलांचल एक्सप्रेस में एक लावारिस बच्चा है। 182 पर कॉल आते ही ट्रेन का लोकेशन पता किया गया। पता चला कि ट्रेन कोडरमा आनेवाली है। तत्काल कोडरमा आरपीएफ को मामले की पड़ताल के लिए भेजा गया। आरपीएफ अधिकारी आरएन राय प्लेटफॉर्म तीन पर पहुंचे और ट्रेन की गार्ड बोगी के पीछे वाली कोच की छानबीन में चादर में लिपटे में एक मूक-बधीर  और दिव्यांग बच्चे को देखा गया। ठंड से ठिठुरते मासूम को लेकर आरपीएफ अधिकारी वहीं उतर गये। काफी देर तक कोडरमा आरपीएफ पोस्ट में रखने के बाद बच्चे को चाइल्ड लाइन की प्रतिनिधि सुनीता कुमारी को सौंप दिया गया। बच्चा ट्रेन तक कैसे पहुंचा और उसे लावारिस हालत में कहां छोड़ा गया। इसकी जानकारी फिलहाल नहीं मिल सकी है। 

आज हमारा समाज किस ओर जा रहा है, हमें सोचने की आवश्‍यकता है। लोग आज थोड़ी सी परेशानियों से घबरा जा रहे है। सभी अपनी जिम्‍मेवारियों से बचने की कोशिश में लगे हुए है। मानवता को शर्मसार करने वाली यह समाज को चितंत करने के लिए प्रेरित करती है।