रांची। विगत विधानसभा चुनाव से ऐन पहले भाजपा में शामिल होने वाले सुखदेव भगत को पार्टी ने निष्कासित कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के निर्देश पर उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण भाजपा ने उन्हें निष्कासित किया है। भगत 2019 के विधानसभा चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा ने उन्हें लोहरदगा से प्रत्याशी बनाया, लेकिन चुनाव में वे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव से हार गए थे।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू ने उनके पार्टी से निष्कासन की जानकारी देते हुए कहा कि गुरुवार को ही उनके निष्कासन पत्र पर प्रदेश अध्यक्ष ने हस्ताक्षर कर दिए थे। बताया जा रहा है कि भगत कांग्रेस के संपर्क में हैं और कभी भी अपनी पूर्व की पार्टी से दोबारा जुड़ सकते हैं। उन्होंने फिर से शामिल होने का आवेदन दिया है। भाजपा से निष्कासन की यही वजह बताई जा रही है। इससे पहले कि वे भाजपा से इस्तीफा देते, भाजपा ने ही उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
बेरमो में कर रहे कांग्रेस प्रत्याशी का प्रचार-
सुखदेव भगत ने पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल होकर कांग्रेस को झटका दिया था। भाजपा ने उन्हें लोहरदगा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा, लेकिन वे पराजित हो गए। इसके बाद उन्होंने कभी पार्टी में सक्रियता नहीं दिखाई। हालांकि यह कयास लगाया जा रहा था कि उन्हें संगठन में प्रमुख दायित्व सौंपा जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
यही वजह है कि उन्होंने फिर से कांग्रेस में शामिल होने का प्रयास तेज किया। फिलहाल वे बेरमो विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी कुमार जयमंगल के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा से निकाले जाने पर कहा कि वे इसके लिए धन्यवाद देते हैं। वे भाजपा में अपने अनुभवों को जल्द साझा करेंगे।