
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले के बीच उप राज्यपाल अनिल बैजल ने बुधवार को बैठक की। मीटिंग में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। एलजी ने ट्वीट कर बताया कि विशेषज्ञ पैनल की बैठक हुई।
एलजी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर विशेषज्ञ पैनल से पांच बिंदुओं पर सुझाव मांगा गया है। एलजी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि पैनल इस महामारी से अधिक प्रभावी ढंग से लड़ने के लिए आवश्यक विशेषज्ञता प्रदान करेगा
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एलजी ने विशेषज्ञ पैनल से मांगे ये सुझाव
- रोकथाम की रणनीतियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उपाय सुझाना
- कोरोना योद्धाओं के मनो-सामाजिक देखभाल के लिए उपाय सुझाना
- गहन चिकित्सा देखभाल में तेजी लाने के लिए रणनीतियों का सुझाव दें
- केंटेनमेंट इलाके को लेकर सुझाव और शव को लेकर सुझाव
- दुनिया भर के रुझानों के आधार पर दिल्ली के लिए समीक्षा कर अनुमान लगाना
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर कोरोना काल में व्यवस्थाओं में सुधार के लिए अब सभी जिलों के डीएम (जिलाधकारी) को पूरे अधिकार दे दिए गए हैं। अब निगमों के उपायुक्त और डीसीपी (जिला पुलिस उपायुक्त) आदि जिला के सभी अधिकारी कोरोना से संबंधित मामलों में डीएम को रिपोर्ट करेंगे। यह व्यवस्था कोरोना काल तक लागू रहेगी।
मुख्य सचिव विजय देव ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। जिसके तहत राजधानी के सभी जिलाधिकारी अपने जिले में कोरोना इलाज व इससे संबंधित सभी व्यवस्था व प्रबंधन के लिए प्रशासनिक प्रमुख बनाए गए हैं। कोरोना प्रबंधन की पूरी कमान को डीएम के हाथों में दिया गया है। कोरोना संबंधी आपदा प्रबंधन की वे निगरानी करेंगे। सभी जिलों में डीसीपी, निगम के उपायुक्त, अन्य विभागों के जिला स्तर के प्रमुख व जिले के सभी अस्पतालों के प्रमुख सीधे डीएम को रिपोर्ट करेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि गृह मंत्रालय ने रविवार की बैठक में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अब गृह मंत्रलय के निर्देश को राजधानी में लागू किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने कहा कि राजधानी में डीसीपी, नगर निगम के उपायुक्त व अन्य कई विभागों के जिला स्तरीय प्रमुख के पद भी हैं, लेकिन इन सभी के कार्यक्षेत्र राजस्व विभाग के जिले से स्पष्ट तालमेल नहीं खाते हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए अब जिला स्तर पर स्पष्ट तौर पर एक कमांड तय की जा रही है। सभी अधिकारियों द्वारा कैसा काम काज किया जा रहा है, डीएम इनके काम काज की समीक्षा भी करेंगे। जिलाधिकारी को मैनेजमेंट अथॉरिटी बनाया जा रहा है। इसलिए जिलाधिकारी गृह मंत्रालय के आदेश, भारत सरकार के अन्य मंत्रलय के आदेश व राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आदेश व एसओपी को भी लागू करेंगे।