बढ़ते तनाव के बीच उत्‍तर कोरिया ने कहा-दक्षिण कोरिया ने खो दिया अपना विश्‍वास…..

बढ़ते तनाव के बीच उत्‍तर कोरिया ने कहा है कि दक्षिण कोरिया ने अपना विश्‍वास खो दिया है। प्‍योंगयोंग ने दक्षिण कोरिया को खबरदार किया है। उसने कहा कि यह अफसोसजनक और दर्दनाक होगा। उत्तर कोरिया के संयुक्त मोर्चा विभाग के निदेशक जंग कुम-चॉल ने शुक्रवार को दक्षिण कोरिया को सीमा पर पर्चे बांटने वाले कार्यकर्ताओं के साथ सख्ती से निपटने के उसके वादे को याद दिलाया।

सैन्य और राजनीतिक संबंधों को खत्म करने का ऐलान किया 

उत्‍तर कोरिया ने अपने प्रबल प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया के साथ सभी तरह के सैन्य और राजनीतिक संबंधों को खत्म करने का ऐलान किया था। उत्‍तर कोरिया ने कहा कि वह अपने प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया के साथ सभी संचार माध्‍यमों को खत्‍म कर देगा। उत्‍तर कोरिया की सेंट्रल न्‍यूज एजेंसी ने कहा है कि मंगलवार को वह दोनों देशों के बीच संपर्कों के सभी माध्‍यम को काट देगा। बता दें कि उत्तर कोरिया ने सीमा पर उसके खिलाफ पर्चे भेजने से दक्षिण कोरिया से उससे सैन्य और राजनीतिक संपर्कों को खत्म करने का फैसला लिया है।

सीमा पर पर्चे बांटने के बाद बढ़ा तनाव 

अधिकारियों ने बताया कि उत्‍तर कोरिया ने सीमा पर उसके खिलाफ पर्चे भेजने से लोगों को नहीं रोक पाने के लिए अपने सियोल की निंदा की। इसके बाद उत्तर कोरिया ने कठोर कदम उठाते हुए पड़ोसी देश के साथ सैन्य और राजनीतिक संपर्कों को बंद करने का फैसला किया। बता दें कि वर्ष 2018 के बाद से अंतर कोरियाई देशों के संबंधों में ठहराव देखने को मिला था। उत्‍तर कोरिया  के किम जोंग उन  और साउथ कोरिया के मून जे इन के बीच तीन शिखर वार्ता सम्मेलन भी हो चुके हैं।

उत्‍तर कोरियाई नेता की बहन ने सियोल को दी थी चेतावनी 

बता दें कि पिछले हफ्ते उत्‍तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया को संबंध तोड़ने की धमकी भी दी थी। इसके पूर्व उत्‍तरी कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन ने सियोल को धमकी थी कि अगर वह अपने देश में विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा तो वह उनसे संबंध तोड़ लेंगे। दक्षिण कोरिया को दी गई चेतावनी के बाद उत्‍तर कोरिया ने यह स्‍टैंड उठाया है। उत्‍तर कोरिया ने कहा है कि वह दोनों देशों के बीच संबंध कायम करने वाली संपर्क लाइन को काट देगा। प्‍योंगयांग ने कहा है कि  राष्‍ट्रपतियों के लिए तैयार की गई हॉट लाइन को भी खत्‍म कर दिया जाएगा। उसका मानना है कि सियोल ने गैर-जिम्मेदाराना रूप से किम जोंग उन की गरिमा को चोट पहुंचाई है।