राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्‍मीदवार एरन्ना कडाडी और अशोक गस्ती ने दाखिल किया नामांकन…

कर्नाटक में राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्‍मीदवार एरन्ना कडाडी और अशोक गस्ती ने मंगलवार को नामांकन दाखिल कर दिया। इस मौके पर कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि ऐसा केवल भाजपा में होता है कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को वरीयता दी जाती है। जेडी (एस) के संरक्षक एचडी देवेगौड़ा ने भी राज्यसभा चुनावों के लिए पार्टी उम्मीदवार के तौर पर मंगलवार को पर्चा दाखिल किया। देवेगौड़ा यदि जीतते हैं तो राज्यसभा में यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले वह साल 1996 में राज्यसभा से निर्वाचित होकर प्रधानमंत्री बने थे।

बताया जाता है कि कडाडी (Eranna Kadadi) और गस्ती (Ashok Gasti) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से हैं। कडाडी बेलगावी जबकि गस्ती रायचूर से ताल्लुक रखते हैं। 54 एरन्ना कडाडी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 1989 में की थी। उन्‍होंने साल 1994 में भाजपा के टिकट पर अर्भावी निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा का चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे। वह साल 2010 में बेलगावी जिला पंचायत अध्यक्ष भी रहे। वह भाजपा के राज्य सचिव भी रह चुके हैं। वहीं गस्ती सविता समाज से हैं और पेशे से वकील हैं। गस्ती (Ashok Gasti) भाजपा के ओबीसी प्रकोष्ठ के महासचिव भी रह चुके हैं।

अशोक गस्ती पिछड़ी जाति विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष भी रहे हैं। बताया जाता है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व उक्‍त दोनों उम्‍मीदवारों के नामों पर मुहर लगाई है। केंद्रीय नेतृत्‍व का मानना है कि जमीनी स्तर के प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं को आगे लाना चाहिए जिन्होंने कभी पार्टी के सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह पहली बार है जब सविता समाज से कोई राज्‍यसभा जा रहा है। कर्नाटक से राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव होना है जो कांग्रेस के राजीव गौड़ा और बीके हरिप्रसाद जबकि भाजपा के प्रभाकर कोरे और जद (एस) केडी कुपेंद्र रेड्डी की 25 जून को रिटायर होने से खाली हो रही हैं।