
IPL के अखाड़े में आज एक बार फिर से धोनी और विराट की टीमें आमने सामने होंगी. विराट कोहली एंड कंपनी के लिए ये मुकाबला नॉक आउट की तरह है. यानी, इसमें हार के साथ उनके प्ले ऑफ की रेस भी खत्म हो जाएगी. ऐसे में जरूरी है कि चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी विराट की दुआ कबूल कर लें क्योंकि इस नॉक आउट मुकाबले को जीतने का विराट और उनकी टीम RCB के पास यही एक रास्ता है. हमारे ऐसा कहने की दो वजहें हैं एक तो मुकाबला पुणे में है और दूसरा ये कि धोनी लाजवाब फॉर्म में हैं. अब जब पुणे और धोनी का कॉम्बो एक साथ विराट पर बरपेगा तो उनकी जीत को तरसती दिख सकती है.
बेंगलुरु में अकेले धोनी पड़े थे भारी
बहरहाल, धोनी से हुई विराट की दुआ आपको बताएं उससे पहले ये जान लीजिए कि RCB के कप्तान को CSK के कप्तान साहब से ऐसा करने की जरुरत क्यों पड़ी. दरअसल, CSK की टीम इससे पहले खेले 5 मुकाबलों में RCB पर भारी पड़ी है. इनमें से हालिया मुकाबला इन गदो टीमों के बीच IPL-11 में ही 25 अप्रैल को बेंगलुरु में खेला गया. एम चिन्नास्वामी पर खेले उस मुकाबले को CSK ने धोनी के 34 गेंद पर जड़े नाबाद 70 रन की धमाकेदार पारी की बदौलत आसानी से जीत लिया. इस मुकाबले में धोनी की टीम के हाथों RCB की हार तब हुआ जब उसने स्कोर बोर्ड पर205 रन का बड़ा टोटल टांगा था.
धोनी से विराट की दुआ
IPL-11 की फर्स्ट मीटिंग में धोनी के हाथों हुए बुरे हश्र को देखने के बाद विराट ने मैच के बाद कहा था कि. ” उन्हें इस अंदाज में देखना शानदार है. लेकिन, वो हमारी टीम के खिलाफ ऐसा न करे.” पिछले मुकाबले में KKR के हाथों मिली हार के बाद धोनी भी फिर जीत की ट्रेक पर वापसी के मूड में होंगे. विराट की टीम के लिए ये मस्ट विन मैच है लेकिन धोनी की नहीं चाहेंगे कि एक और हार के साथ उनके भी प्ले ऑप का गणित हिचकोले खाने लगे.
धोनी के तेवर से डरे विराट
धोनी जिस फॉर्म में हैं उन्हें रोकना हर विरोधी के लिए मुश्किल दिख रहा है. वो आईपीएल-11 में अब तक 24 छक्के जड़ चुके हैं, 3 अर्धशतक ठोक चुके हैं जिनमें से एक पुणे में ही खेले पिछले मैच में उन्होंने जड़ा है, इसके अलावा डेथ ओवर्स में उनका स्ट्राइक रेट इस सीजन बाकी बल्लेबाजों की तुलना में सबसे बेहतर है. ऐसे में उम्मीद यही लग रही है कि विराट की दुआ कबूल कम, चौके छक्के ज्यादा उड़ेंगे.