आज से टैंकर चालकों की हड़ताल, यहां हो सकती है पेट्रोल-डीजल की किल्लत

मप्र टैंकर वर्कर्स एसोसिएशन के भोपाल जिले के पेट्रोल-डीजल टैंकर चालक व हेल्पर गुरूवार से हड़ताल पर चले जाएंगे। इसके चलते सुबह 7 बजे से ही भोपाल सहित आसपास के जिलों रायसेन, सीहोर, विदिशा, बीना, राजगढ़ आदि जिलों में पेट्रोल डीजल की सप्लाई करने वाले 300 टैंकरों के पहिए थम जाएंगे। यदि हड़ताल लंबी खिंची तो गुरूवार शाम या फिर शुक्रवार दोपहर तक भोपाल ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के पंप ड्राय होना शुरू हो जाएंगे, इससे पेट्रोल-डीजल की किल्लत होने लगेगी।

इधर हड़ताल को देखते हुए इंडियन ऑयल और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम ने मप्र टैंकर वर्कर्स एसोसिएशन की छह मांगों में से तीन मान ली है। इसमें हेल्परों व ड्रायवरों का बीमा कराए जाने, कलेक्ट्रेट रेट पर तनख्वाह दिए जाने तथा अतिरिक्त ड्रायवर व हेल्परों के गेट पास बनाए जाना शामिल है। हालांकि एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल रहमान का कहना है कि अवकाश सहित तीन अन्य मांगों को लेकर अबतक पेट्रोलियम कंपनियों ने सहमति नहीं दी है। इन मांगों को पूरा कराने के लिए हड़ताल शुरू होगी।

हड़ताल खत्म कराने कलेक्टोरेट में बैठक आज

10 दिन के अल्टीमेटम के बाद भी जिला प्रशासन और खाद्य विभाग का अमला नहीं जागा। अब जब हड़ताल शुरू होने वाली है तो खाद्य विभाग ने टैँकर एसोसिएशन व आईल कंपनियों के बीच पैदा हुए विवाद को सुलझाने के लिए बुलाया है। इसके लिए कलेक्टोरेट में गुरूवार को दोपहर 12 बजे बैठक होगी। इसमें टैँकर एसोसिएशन की मांगों पर चर्चा होगी तथा हड़ताल को खत्म कराने के लिए समाधान निकाला जाएगा।

यह है मांगे –

– टैंकर चालकों व हेल्परों को शादी विवाह, मौत, तबीयत खराब होने जैसी स्थिति में भी छुट्टी नहीं मिलती है।

– एक दो दिन की छुट्टी लेने पर डिपो वाले सात दिन की छुट्टी लेने के लिए मजबूर करते हैं।

– पेट्रोलियम कंपनियां दो चालकों व 2 हेल्परों के अतिरिक्त गेट पास बनाने की अनुमति दें।

– टेंकर चालकों व हेल्परों को कलेक्टोरेट दर पर वेतन दिलाया जाए।

– जब तक टेंकर चालक एक टैंकर चालक या हेल्पर को हटाने के बाद उसकी पेंमेंट का पूरा हिसाब ने करें तब तक दूसरे टैंकर चालक व हेल्पर का पास न बने।