पूर्व सांसद पप्पू यादव को एक वर्ष की जेल के साथ 10 हजार रुपए जुर्माना, जानिए पूरा मामला

पटना: सांसदों और विधायकों के आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए गठित बिहार में पटना स्थित एक विशेष अदालत ने पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को जहां एक मामले में एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा के साथ 10 हजार रुपए का जुर्माना किया वहीं एक अन्य मामले में उन्हें निर्दोष पाकर बरी कर दिया।

2004 का है मामला
विशेष न्यायाधीश सारिका बहालिया ने मामले में सुनवाई के बाद फुलवारीशरीफ थाना कांड संख्या 840/2004 में चोरी का सामान रखने के जुर्म में पप्पू यादव को दोषी करार देने के बाद एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा के साथ 10000 रुपए का जुर्माना किया। जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर एक महीने के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। आरोप के अनुसार, 08 दिसंबर 2004 को बेउर जेल में की गई छापेमारी के दौरान जेल के हॉस्पिटल वार्ड में पप्पू यादव के पास से मोबाइल और ईयरफोन बरामद किया गया था।

इस मामले में अदालत ने किया बरी
दूसरे मामले में रेलवे सुरक्षा बल थाना कांड संख्या 35/2018 में पप्पू यादव पर नाजायज मजमा बनाकर राजेंद्रनगर टर्मिनल पर धरना एवं प्रदर्शन कर रेल का परिचालन बाधित करने का आरोप था। इस मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने यादव को निर्दोष पाकर बरी कर दिया। मामले की प्राथमिकी 04 मार्च 2018 को आरपीएफ थाने में दर्ज की गई थी। दोनों मामलों में आरोप साबित करने के लिए अभियोजन ने पांच-पांच गवाहों का बयान कलमबंद करवाया था। बचाव पक्ष की ओर से दोनों मामलों में अधिवक्ता अजय कुमार एवं विजय आनंद ने बचाव में बहस की थी।

वहीं, इसी अदालत ने नाजायज मजमा बनाकर आगजनी करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और सरकारी आदेश की अवहेलना के मामले में यादव का बयान दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत अभियुक्त के तौर पर कलमबंद किया। मामले की प्राथमिकी गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 766/2000 के रूप में 18 दिसंबर 2000 को दर्ज की गई थी।

 

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